Manyawar Shir Kanshi Ram Ji
Power of Uttar Pradesh
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  • 21वीं सदी में जात-पात
    हाल ही में उड़ीसा के गंजाम जिले के धुरुबुरई गांव में उच्च जातियों ने धोबी समुदाय के परिवारों पर डेढ़ लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। उनका दोष महज इतना है कि उन्होंने साल भर तक कपड़े धोने के लिए प्रति व्यक्ति 50 रुपए की मांग की थी। इससे पहले इस काम के उन्हें केवल [...]
  • नेहरू-गांधी परिवार के नाम
    नेहरू-गांधी परिवार के सदस्यों के नाम पर योजनाओं के नामकरण को अनुचित बता रहे हैं ए सूर्यप्रकाश मार्च, 2009 को मैंने चुनाव आयोग का ध्यान खींचा था कि केंद्र और राज्य सरकारों की योजनाओं का नामकरण कांग्रेस नेताओं के नाम पर करने से कांग्रेस को अनुचित लाभ मिल रहा है। केंद्र सरकार की योजनाओं में से [...]
  • कांग्रेस खा गई शक्कर पी गई तेल |
    मनमोहन सिंह इंदिरा गांधी सरीखे नहीं हैं और हो भी नहीं सकते, लेकिन उनका शासन इंदिरा गांधी के उन दिनों की याद दिला रहा है जब. वह इंदिरा इज इंडिया और इंडिया इज इंदिरा. वाले भाव से ग्रस्त थीं। भूतल परिवहन मंत्रालय राष्ट्रीय राजमार्गो पर जिस तरह हर 25 किलोमीटर पर सोनिया-मनमोहन सिंह के फोटो [...]
  • विकास का रास्ता (कांग्रेस की महंगाई ही विकास का रास्ता)
    उत्तर प्रदेश के दौरे पर गए राहुल गांधी इस कारण ज्यादा चर्चा में हैं कि उनका हेलीकॉप्टर कथित तौर पर अंधेरे में उतरा, लेकिन उनके इस बयान पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है कि राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने पर ही विकास का रास्ता खुलेगा। चूंकि उन्होंने इसी तरह के बयान अन्य गैर [...]
  • एक अनूठा आयोजन
    अक्टूबर में बाबासाहेब अंबेडकर के अनुयायियों ने दुनियाभर में धम्मचकपावतन पर्व धूमधाम से मनाया। धम्मचकपावतन शब्द पाली भाषा से लिया गया है, जिसका अर्थ है धर्म के चक्र को गतिशील करना। इससे पहले अशोक विजय दशमी के अवसर पर लाखों बौद्धों ने दीक्षा भूमि मेले में हिस्सा लिया। बाबासाहेब के अनुयायियों का मानना है कि [...]
  • क्वात्रोची से कांग्रेस की हमदर्दी देश की न्याय व्यवस्था के ताबूत में आखिरी कील
    जो लोग यह सोचते हैं कि मनमोहन सिंह सरकार ने बोफोर्स तोपों की खरीद में 73 लाख डालर की दलाली लेने वाले इटली के व्यवसायी ओेतावियो क्वात्रोची से आपराधिक मामले वापस लेने का जो निर्णय लिया उससे बोफोर्स घोटाले के ताबूत में आखिरी कील गड़ गई है वे गलती पर हैं। वास्तविकता यह है कि [...]
  • कठघरे में सिर्फ मायावती सरकार क्यों?
    हाल में सुप्रीम कोर्ट ने मायावती सरकार को यह कहकर फटकार लगाई है कि वह यूपी में सात जगहों पर अपनी पार्टी के नेताओं और नायकों के स्मारकों के निर्माण के मामले में अदालत के आदेशों का उल्लंघन कर रही है। कोर्ट ने इन पर हो रहे खर्च की संवैधानिक वैधता पर सवाल उठाते हुए [...]
  • दलित आंदोलन की दिशा
          पिछले पखवाड़े स्वतंत्र दलित राजनीतिक आंदोलन में दो महत्वपूर्ण घटनाएं घटीं। यह चौंकाने वाली बात है कि सूचना क्रांति के इस दौर में ये दोनों घटनाएं मीडिया में इतनी प्रमुखता हासिल नहीं कर पाई, जितनी कि इन्हें मिलनी चाहिए थी। पहली घटना उत्तर प्रदेश से है, जहां बहुजन समाज पार्टी ने विधानसभा उपचुनाव में चार [...]
  • मूर्तियों-स्मारकों पर राजनीति
    उत्तर प्रदेश में बसपा सरकार द्वारा सरकारी धन से दलितों और बहुजन नेताओं के नाम पर बनने वालों स्मारकों, पार्र्को और मूर्तियों पर बहस दलगत आग्रहों से प्रेरित और पूर्वाग्रहों से ग्रस्त है। सवर्ण जाति का प्रत्येक स्तंभकार उत्तर प्रदेश सरकार को नसीहतें दे रहा है। तथाकथित नैतिकतावादियों की दलील है कि सरकार करदाताओं के [...]
  • कांग्रेस की अभद्र, विधि विरुद्ध, दलित और महिलाओं के विरुद्ध अशालीन राजनीति
    उत्तार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी की मुख्यमंत्री मायावती के संदर्भ में अभद्र और आपत्तिाजनक टिप्पणी के बाद राजनीतिक रूप से संवेदनशील इस राज्य में उथलपुथल मचनी ही थी। आम धारणा है कि हमारे राजनेता आम तौर पर चुनावों के अवसर पर सही-गलत भाषा का भेद भूल जाते हैं, लेकिन लगता है कि अब [...]
Bharat Ratna Baba Saheb